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प्रोटोकॉल

मानवाधिकार के रक्षकों के लिए सर्वांगीण सुरक्षा प्रोटोकॉल

मानवाधिकार के रक्षकों के लिए बनाया गया सर्वांगीण सुरक्षा प्रोटोकॉल (डिफ़ेंडर्स प्रोटोकॉल) अपनी शारीरिक सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, अच्छी सेहत और उबरने के गुण को बेहतर बनाने में हमारी मदद करता है। प्रोटोकॉल पर अमल करके हम अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के साथ-साथ खुद को और अपने समुदायों को हमलों, उत्पीड़न और सेंसरशिप का शिकार होने से बचा सकते हैं।

डिफेंडर का प्रोटोकॉल Open Briefingarrow-up-right द्वारा बनाया गया था और National Endowment for Democracy, Ford Foundation और Oak Foundation के समर्थन के लिए संभव धन्यवाद।

डिफ़ेंडर्स प्रोटोकॉल, दुनिया भर में जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे मानवाधिकार के रक्षकों से जुड़े Open Briefing के अनुभवों पर आधारित है; हालाँकि कुछ महत्त्वपूर्ण स्थानीय फ़र्क भी हो सकते हैं, जिनके बारे में इस सार्वभौमिक मार्गदर्शन में कुछ नहीं कहा गया है, इसलिए आपको इस प्रोटोकॉल को अपनी स्थिति, कामकाज और प्रोफ़ाइल के मुताबिक ढालना होगा।

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बचाव और सुरक्षा

  1. आपके सामने आने वाले जोखिमों को बेहतर ढंग से समझने और उनसे निपटने की राह तलाशें:

    1. इस पर विचार करें कि कौन आपके सहयोगी हैं और कौन विरोधी हैं। आपके सहयोगियों द्वारा आपके बचाव के लिए इस्तेमाल किए जा सकने वाले संसाधनों और नेटवर्क को समझें। अपने विरोधियों की क्षमताओं और इरादों को समझें, ताकि आप उनसे पैदा होने वाले खतरों को बेहतर ढंग से भाँप सकें।

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डिजिटल सुरक्षा

  1. अपने पास मौजूद अलग-अलग तरह की जानकारियों पर विचार करें और अच्छी तरह से समझने की कोशिश करें कि आपके काम के लिहाज़ से उनका क्या महत्त्व है और अगर वे किसी हमलावर के हाथों में पड़ जाएँ, तो आपको और अन्य लोगों को क्या-क्या नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। सबसे ज़्यादा महत्त्व रखने वाली या नुकसान का कारण बन सकने वाली इन संपत्तियों को सुरक्षित रखने के अतिरिक्त उपाय अपनाएँ।

  2. अगर उसे शेयर करना ज़रूरी है, तो अपने सहकर्मियों से रू-ब-रू होकर उन्हें संवेदनशील जानकारी दें या फिर संचार के ऐसे साधनों का इस्तेमाल करें, तो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और मैसेज को छिपाकर भेजने की सुविधा देते हैं।

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अच्छी सेहत और उबरने की ताकत

  1. सोने के संबंध में कारगर नियम अपनाएँ। अगर हो सके तो रात के लिए कुछ नियम तय करके उन पर नियमित रूप से अमल करें और सोने के लिए एक सुखद परिवेश तैयार करें।

  2. नियमित रूप से भोजन करें और स्वास्थ्यवर्धक आहार लें।

  3. नियमित रूप से पैदल चलें, कसरत करें या कोई खेल खेलें।

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इस पर विचार करें कि आपका काम, पहचान, रणनीतियाँ और अन्य कारक व विशेषताएँ खतरों का सामना होने पर आपकी कमज़ोरी या उनके संपर्क में आने की संभावना को बढ़ाती हैं या घटाती हैं।
  • अपने जोखिम के स्तर को समझने के लिए, किसी हमले या अन्य घटना के होने की संभावना के साथ-साथ उसके होने पर पड़ने वाले असर का आकलन करें।

  • अपने हर जोखिम की संभावना और/या असर को कम करने के लिए ठोस कदम उठाएँ।

  • अपने आस-पास होने वाली घटनाओं से अवगत रहें और अपने परिवेश में मौजूद लोगों या चीज़ों में आने वाले किसी भी बदलाव के प्रति सतर्क रहें।

  • अत्यधिक जोखिम वाले समय या स्थानों पर, दोस्तों, परिवार के सदस्यों या सहकर्मियों के साथ यात्रा करें या अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था की माँग करें।

  • किसी भरोसेमंद और सक्षम दोस्त, सहकर्मी या परिवार के सदस्य से आपका सुरक्षा संपर्क बनने का आग्रह करें। जब जोखिम बहुत ज़्यादा हो, तो उन्हें पहले से बता दें कि आप कहाँ जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं और कब लौटेंगे। अपने सुरक्षा संपर्क से पूरे दिन पूर्व-निर्धारित समय पर नियमित रूप से संपर्क बनाते रहें। उनके साथ इस बात पर आपसी सहमति बना लें कि अगर उन्हें आपकी कोई खबर नहीं मिलती, तो वे क्या करेंगे या किससे संपर्क करेंगे।

  • अपने परिवार के लोगों और सहकर्मियों को हर स्थिति के लिए तैयार रहने को कहें, ताकि आपके साथ कोई अनहोनी घटना होने पर वे स्थिति का बेहतर ढंग से सामना कर सकें:

    1. एक वसीयत बनाकर पक्का कर लें कि आपके परिवार को इसकी पूरी जानकारी हो कि आपने अपने ज़रूरी वित्तीय व कानूनी दस्तावेज़ कहाँ रखे हैं।

    2. सहकर्मियों के साथ मिलकर एक निरंतरता योजना बनाएँ, ताकि वे आपकी गैर-हाज़िरी में अपना काम जारी रख सकें।

    3. ठिकाना बदलने, पनाह माँगने या आश्रय ढूँढ़ने अथवा किसी भी तरह की आक्रामक घटना से सुरक्षित रहने की रूपरेखा तैयार करने में अपने परिवार के लोगों और सहकर्मियों की मदद करें।

  • अगर हो सके, तो मानवाधिकार के रक्षकों के लिए डिज़ाइन किया गया सर्वांगीण सुरक्षा प्रशिक्षण पूरा कर लें। इसके अलावा प्राथमिक चिकित्सा (फ़र्स्ट-एड) का उन्नत प्रशिक्षण पूरा करने और अपने घर, वाहन और दफ़्तर जैसी अलग-अलग जगहों में रखने के लिए प्रथमोपचार किट खरीद लें।

  • इसे अच्छी तरह समझ लें कि आपको और आपके परिवार को किस स्तर के जोखिम का सामना करना पड़ सकता है और आप उससे निपटने के लिए तैयार हैं। अगर स्थिति आपकी सहनशक्ति से ज़्यादा खतरनाक हो जाती है, तो मदद माँगने या अपना काम रोकने से न डरें।

  • पक्का कर लें कि आप जिस किसी भी कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं:
    1. उसे अनधिकृत लोग भौतिक रूप से ऐक्सेस न कर सकें।

    2. उसे बिना पासवर्ड या पासकोड डाले अनलॉक नहीं किया जा सकता।

    3. उस पर ऑपरेटिंग सिस्टम और इंस्टॉल किए गए सभी ऐप्स/सॉफ़्टवेयर का नवीनतम उपलब्ध संस्करण चल रहा हो।

    4. उस पर पूरी डिस्क को एन्क्रिप्ट करने का विकल्प चालू हो, बशर्ते यह विकल्प आपके देश में वैध हो।

    5. उस पर एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर और फ़ायरवॉल इंस्टॉल हो और उन्हें अपडेट करने के साथ-साथ सही ढंग से कॉन्फ़िगर भी किया गया हो।

    6. वह रूटेड (अकार्यशील) या जेलब्रोकन (कोड से छेड़-छाड़ किया गया) नहीं होना चाहिए और उस पर कोई भी पाइरेटेड सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल नहीं होना चाहिए।

    7. उसे स्लीप या हाइबरनेट की अवस्था में रखने के बजाय जितनी बार हो सके शट डाउन और पॉवर ऑफ़ किया जाना चाहिए।

  • पक्का कर लें कि आप जिस किसी भी ऑनलाइन सेवा का इस्तेमाल करते हैं :

    1. उसे सिर्फ़ एक जटिल और विशिष्ट पासवर्ड की मदद से ही ऐक्सेस किया जा सकता है।

    2. उसमें दो चरणों में प्रमाणीकरण (2FA/2SV) का विकल्प सक्षम होना चाहिए, बशर्ते यह संभव हो।

  • किसी सार्वजनिक या गैर-भरोसेमंद नेटवर्क से इंटरनेक्ट ऐक्सेस करते समय आपकी निजता को सुरक्षित रखने वाले VPN का इस्तेमाल करें।

  • जब किसी संवेदनशील जानकारी की ज़रूरत न रह जाए, तो उसके सभी प्रारूपों और विविधताओं को सुरक्षित ढंग से जल्द-से-जल्द मिटा दें और पक्का कर लें कि मिटाई गई जानकारी को दोबारा वापस नहीं लाया जा सकता।

  • शारीरिक बीमारी या चोट का इलाज करें और खुद को ठीक होने का समय दें।

  • हर रोज़ मनन और चिंतन की आदत डालें।

  • तनाव या आघात से निपटने के लिए नशीली दवाओं या शराब का सेवन न करें।

  • ऐसे दोस्तों, परिवार के लोगों, सहकर्मियों और समुदाय के सदस्यों के साथ संबंध बनाकर रखें, जो आपकी मदद कर सकते हैं।

  • यह समझना कि क्या तनाव आपके स्वास्थ्य और भलाई में परिवर्तन और ट्रिगर हो सकता है अपने आप में संकेत और तनाव के लक्षण पहचान करने के लिए जानें।

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